विश्व रंगमंच दिवस – World Theatre Day

Diksha Sharma
विश्व रंगमंच दिवस – World Theatre Day

हर साल 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) मनाया जाता है। यह दिन रंगमंच की महत्ता को उजागर करने और थिएटर कलाकारों के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1961 में अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (International Theatre Institute - ITI) द्वारा की गई थी।

रंगमंच: अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम

रंगमंच सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि समाज का आईना होता है। यह मानव भावनाओं, विचारों और सामाजिक मुद्दों को प्रस्तुत करने का सबसे प्रभावी साधन है। थिएटर हमें मनोरंजन के साथ-साथ समाज की सच्चाई से भी रूबरू कराता है।

World Theatre Day का उद्देश्य

विश्व रंगमंच दिवस – World Theatre Day

कैसे मनाया जाता है यह दिन?

भारत में रंगमंच का योगदान

भारत में रंगमंच की एक समृद्ध परंपरा रही है। संस्कृत नाटक (भरतमुनि का नाट्यशास्त्र), लोकनाट्य, पारसी थिएटर और आधुनिक नाटक भारतीय रंगमंच की विविधता को दर्शाते हैं।
कुछ प्रसिद्ध भारतीय नाटककारों में गिरीश कर्नाड, विजय तेंदुलकर, बादल सरकार, हबीब तनवीर और मोहन राकेश प्रमुख नाम हैं।

विश्व रंगमंच दिवस सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि रंगमंच की शक्ति को पहचानने और उसे संजोने का अवसर है। थिएटर हमें सोचने, महसूस करने और सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
आइए, हम इस दिन थिएटर के महत्व को समझें और इसे और अधिक समृद्ध बनाने के लिए सहयोग करें!

"थिएटर सिर्फ मंच नहीं, यह समाज की आत्मा का प्रतिबिंब है!"