भारत की स्वर कोकिला और भारत रत्न लता मंगेशकर जिन्हें हम प्यार से लता दीदी भी कहते हैं, लता मंगेशकर के गाने 60 के दशक के साथ-साथ वर्तमान में भी खूब सुने और सुनाए जाते हैं, उन्होंने अपनी संगीत यात्रा शुरू करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्मों में एक अभिनेत्री के रूप में की, लेकिन जल्द ही उन्होंने एक पार्श्व गायिका के रूप में अपनी असली पहचान बनाई।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि लता मंगेशकर के जैसा कोई सिंगर नहीं है। इनकी आवाज में कुछ ऐसा जादू है कि कोई भी उनके गानों को सुनता तो बस उसमें खो जाता हैं। ऐसे ही नहीं सिंगर को म्यूजिक इंडस्ट्री में भगवान का दर्जा दिया जाता है।