क्यों मनाया जाता है शारदीय नवरात्रि, इस साल कब है शारदीय नवरात्रि, आइए जानते हैं क्यों 9 दिन मनाते हैं नवरात्रि

हिंदू धर्म त्योहारों से भरपूर होता है. हिंदू धर्म में कई व्रत और कई अन्य तरह के त्योहार मनाए जाते हैं. यह सारे
त्योहारों और व्रतों का अपना एक विशेष महत्व होता है. हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा अर्चना की जाती है. इन
सभी त्योहारों में से एक ऐसा महत्वपूर्ण पर्व नवरात्रि का है जिसे हिंदू धर्म के लोग जोरों शोरों से बनाते हैं. नवरात्रि
देवी माता से जुड़ा एक पर्व है जिसमें 9 दिन तक माता के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है. जिसमें से सबसे
पहला दिन कलश स्थापना का होता है और माता को घर के मंदिर में विराजमान किया जाता है. इसके बाद 9
दिनों तक देवी मां भक्तों के घर पर वास करती हैं और उनके सेवक 9 दिन तक उनकी सेवा करते हैं. इस दौरान
लोग उपवास रखने हैं मां की पूजा-अर्चना और आरती करते हैं. वैसे तो नवरात्रि साल में 4 बार होते हैं. जिसमें से
चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. शारदीय नवरात्रि के बाद से हिंदू धर्म के त्योहारों का
सिलसिला शुरू हो जाता है. तो चलिए जानते हैं कि इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कब से हैं. नवरात्रि का
पर्व क्यों मनाया जाता है और 9 दिनों तक के नौ देवियों की पूजा अर्चना की जाती है.

शारदी नवरात्रि है कब?

हिंदू धर्म मान्यता के मुताबिक शारदीय नवरात्रि का पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी
तिथि तक मनाया जाता है. जैसा कि इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 26 सितंबर दिन सोमवार से हो रही
है. इसके साथ ही 9 दिन का यह पर्व 4 अक्टूबर दिन मंगलवार तक मनाया जाएगा. शारदीय नवरात्रि का समापन
नवमी तिथि को हो जाता है. जिसके अगले ही दिन यानी दशमी तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाता है. तो
इसलिए इस बार 5 अक्टूबर को दशहरा पूरे भारत देश में मनाया जाएगा.

क्यों मनाया जाता है नवरात्रि?

मान्यता बताती है कि शारदी नवरात्रि की शुरूआत भगवान विष्णु के अवतार श्री राम ने की थी. भगवान राम जब
माता सीता को रावण से आजाद करने के लिए युद्ध करने जा रहे थे तो उन्होंने रामेश्वरम में समुंद्र के किनारे
शारदीय नवरात्रि की भी पूजा की थी. 9 दिनों तक माता शक्ति की आराधना के बाद दसवें दिन श्री राम ने रावण
का वध करके लंका का विजय हासिल किया. इसके साथ ही सीता माता वह वापस अयोध्या लाने के लिए श्री राम
लंका पहुंच चुके थे. इसी कारण 9 दिन की नवरात्रि पूजा के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है.

मां दुर्गा से जुड़ी कथा

एक पौराणिक कथा के मुताबिक बताया जाता है कि महिषासुर नाम के राक्षस को ब्रह्माजी ने वरदान दिया था कि
उसे कोई देवता दानव धरती पर रहने वाला कोई भी व्यक्ति उसे नहीं मार पाएगा. वरदान प्राप्त करने के बाद
महिषासुर ने पृथ्वी पर आतंक मचाना शुरू कर दिया. महिषासुर का अंत करने के लिए मां दुर्गा का जन्म हुआ 9
दिनों तक माता दुर्गा और महिषासुर के बीच युद्ध जारी रहा और अंत में माता दुर्गा ने महिषासुर का वध कर
राक्षसों का अंत किया.

देवियों के नौ स्वरूप

पहला स्वरूप – मां शैलपुत्री
दूसरा स्वरूप – मां ब्रह्मचारिणी
तीसरा स्वरूप – मां चंद्रघंटा
चौथा स्वरूप – मां कुष्मांडा
पांचवा स्वरूप – मां स्कंदमाता
छठा स्वरूप – मां कात्यायनी
सातवां स्वरूप – मां कालरात्रि
आठवां स्वरूप – मां महागौरी
लोबर स्वरूप – मां सिद्धिदात्री