नवरात्रि का पांचवां दिन आज, जानें पूजा विधि और कथा

मां दुर्गाजी के पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना नवरात्र के पांचवें दिन की
जाती है। भगवान स्कन्द कुमार कार्त्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के
सेनापति बने थे। इन्हीं भगवान स्कन्द की माता होने के कारण मां के इस पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से
जाना जाता है। कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण से इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।
स्कन्दमाता की उपासना से बालरूप स्कन्द भगवान् की उपासना स्वयमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को
प्राप्त है, अतः साधक को स्कन्दमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिये। नवरात्र के पांचवें दिन का
शास्त्रों • में पुष्कल महत्त्व बताया गया है। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में स्थित होता है।

शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ रही है। साथ ही घर बैठे भी
श्रद्धालु सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव दर्शन कर रहे हैं। नवरात्र के चौथे दिन हरे-पीले परिधान पहनकर
श्रद्धालु मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्माण्डा की पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे।

श्रद्धालुओं का मंदिर में दर्शन के लिए तांता सुबह भोर से शूरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने सुख, शांति और समृद्धि
की कामना की। मंदिरों में भजन-कीर्तन का निरंतर आयोजन हो रहा है। झंडेवाला देवी मंदिर द्वारा यू-ट्यूब चैनल
के जरिये श्रद्धालुओं के लिए कर लाइव सीधा प्रसारण की व्यवस्था की मां गई है। जिसे देश-विदेश में रहने वाले के
करोड़ों श्रद्धालु घर बैठे मां के दर्शन कर सकते है। मंदिर की तरफ से शुरू र की गई नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के
लिए । बेहतर साबित होगी। वहीं, मंदि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की मुफ्त चिकित्सा जांच भी की जा रही है। साध
ही जरूरत पड़ने पर दवाईयां भी मुफ् उपलब्ध कराई जा रही है।

दिल्ली में रामलीला का मंचन जारी है। गुरुवार को कहीं गाजे-बाजे के साथ भगवान राम की बारात निकाली गई। तो
कहीं भगवान राम के वनवास जाने के प्रसंग को देख दर्शकों की आंखों से आंसू छलक आए। लालकिला मैदान की
रामलीला में सीता स्वयंवर के प्रसंग का मंचन किया गया। आकाश से फूलों की बरसात की गई।

दिल्ली में रामलीला का मंचन जारी है। गुरुवार को कहीं गाजे-बाजे के साथ भगवान राम की बारात निकाली गई। तो
कहीं भगवान राम के वनवास जाने के प्रसंग को देख दर्शकों की आंखों से आंसू छलक आए। लालकिला मैदान की
रामलीला में सीता स्वयंवर के प्रसंग का मंचन किया गया। आकाश से फूलों की बरसात की गई।

बगैर छलक उठे आंसू : शालीमार बी ब्लाक रामलीला कमेटी के प्रचार मंत्री ने बताया कि भगवान राम के वनवास
की विदाई पर दर्शकों की आंखों से आंसू ला छलक आए। आकाश मार्ग से रावण करने द्वारा माता सीता के हरण
करने के दृश्य ला का मंचन किया गया। श्री रामलीला न ने कमेटी इंद्रप्रस्थ के प्रधान सुरेश बिंदल ला ने बताया कि
सीता स्वयंवर, रावण होने बाणासुर संवाद सहित कई दूसरे प्रसंगों का मंचन किया।

राम बारात में हुई फूल वर्षा

लालकिला मैदान में लवकुश रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला में धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ भगवान
राम की बारात की शोभायात्रा निकाली गई। राम भक्तों ने फूलों की वर्षा की और आशीर्वाद लिया।

हाइड्रोलिक मंच पर मंचन

लाल किला मैदान पर नव श्री धार्मिक धार्मिक लीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर का प्रसंग
का मंचन हाइड्रोलिक मंच पर हुआ। भगवान राम के विवाह के बाद मिठाई बांटी गई।