बिहार की संस्कृति में क्या है खास ?

भारत में खान पान से लेकर लोक संस्कृति तक हर राज्य में आपको कुछ ना कुछ खास देखने को ज़रूर मिलेगा।

Ultra News TV Hindi | 22 March, 2023

भारत का बिहार राज्य भी अपनी तमाम चीज़ों को लेकर काफी मशहूर है। आइए बिहार के बारे में कुछ खास बाते जानते हैं।

वैसे तो बिहार में ऐसे कई ज़ायकेदार और लज़ीज़ व्यंजन मिलते हैं जो खाने पीने के शौकीन लोगों का दिल जीत लेते हैं लेकिन बिहार का सबसे लोकप्रिय और दुनियाभर में मशहूर व्यंजन लिट्टी चोखा है। लोकप्रिय व्यंजन 

राजकीय चिह्न   हर राज्य का अपना एक राजकीय चिह्न होता है। बिहार राज्य का राजकीय चिह्न बोधि वृक्ष है। बिहार के गया जिले में महाबोधि मंदिर का पीपल वृक्ष बोधि वृक्ष कहलाता है।

बिहार राज्य का लोकप्रिय पशु बैल है। पुराने दिनों में खेती - बाड़ी में बैल का उपयोग किया जाता था। बैल राज्य की कृषि प्रधानता का प्रतीक है। राजकीय पशु  

बिहार की राजकीय पक्षी गोरैया है। बिहार में एक समय ऐसा हुआ करता था जब लोगों की नींद गोरैया पक्षी के चहकने से खुला करती थी। प्रदूषण और आबादी के बढ़ने की वजह से इनकी संख्या काफी कम हो गई है। राजकीय पक्षी  

बिहार का राजकीय फूल गेंदा है। बिहार में हर घर में गेंदे के फूल पाए जाते हैं। इसकी लोकप्रियता के कारण ही बिहार सरकार ने इसे 2013 में राष्ट्रीय पुष्प घोषित किया था। राजकीय पुष्प  

बिहार का राजकीय वृक्ष पीपल है। पर्यावरण और राजकीय वन अधिकारियों का मनाना है कि पीपल राज्य के सांस्कृतिक महत्व को भी उदघाटित करता है। राजकीय वृक्ष  

बिहार के लोग खेलों में भी काफी माहिर हैं। बिहार का राजकीय खेल कबड्डी है। बिहार के अलावा कबड्डी तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश का भी राजकीय खेल है। राजकीय खेल  

बिहार भारत का पहला ऐसा राज्य है जिसने सबसे पहले हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा घोषित किया है। 1881 तक बिहार की आधिकारिक भाषा उर्दू हुआ करती थी। राजकीय भाषा (प्रथम) 

'मेरे रफ्तार पर सूरज की किरणें नाज करें' बिहार का राज्य प्रार्थना गीत है। इस गीत को मशहूर गायक उदित नारायण ने अपनी आवाज़ दी है। राज्य प्रार्थना गीत   

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