महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर

महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर Temples in Delhi from the Mahabharata Era

Ultra News TV Hindi | 22 August, 2023

श्री कालकाजी मंदिर माँ आदिशक्ति के काली रूप को समर्पित यह श्री कालकाजी मंदिर, जिसे जयंती पीठ या मनोकामना सिद्ध पीठ भी कहा जाता है, नेहरू प्लेस के पास स्थित है।

श्री योगमाया मंदिर सिद्धपीठ, शक्तिपीठ, ज्ञानपीठ और ज्योतिपीठ श्री योगमाया मंदिर (श्री योगमाया मंदिर) कुतुब मीनार के पास भगवान कृष्ण की बहन श्री योगमाया को समर्पित है।

हनुमान मंदिर, कनाट प्लेस प्राचीन हनुमान मंदिर, महाभारत काल से बाल हनुमान को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है। यह दिल्ली में पांडवों द्वारा स्थापित पांच मंदिरों में से एक माना जाता है।

किलकारी भैरव मंदिर यह मंदिर बाबा भैरव नाथ जी को समर्पित हैं, जो कि भगवान शिव का एक उग्र अवतार माने जाते हैं।

बटुक भैरव मंदिर प्राचीन श्री बटुक भैरव मंदिर पांडवों द्वारा बनाए गये मंदिरों मे से सर्वप्रथम है माना जाता है जिनके विग्रह मे भैरव बाबा का चेहरा और दो बड़ी-बड़ी आँखों के साथ बाबा का त्रिशूल दिखाई पड़ता है।

दूधेश्वर महादेव प्राचीन, पुराणों मे वर्णित, त्रेता युग से ही स्थापित हिरण्यगर्भ सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव के स्वरूप को धारण किए यह मंदिर श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हैं।

नीली छतरी मंदिर महाभारत काल से स्थापित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर, प्राचीन नीली छतरी मंदिर पांडवों कालीन, यह मंदिर जन साधारण में नीली छतरी मंदिर नाम से प्रसिद्ध है।

भगवान विश्वकर्मा मंदिर यह मंदिर, महाभारत काल के सबसे प्रसिद्ध नवनिर्मित शहर इंद्रप्रस्थ का निर्माण स्थल था। पांडवों ने विश्वकर्मा जी के शिल्प एवं वास्तु ज्ञान की मदद से खांडव वन पर इंद्रप्रस्थ शहर की स्थापना की थी।

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