तमिलनाडु में राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के प्रसारण पर रोक

तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य के मंदिरों को रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के प्रसारण और विशेष पूजा के आयोजन से रोकने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा है।

प्राण प्रतिष्ठा के प्रसारण पर रोक के खिलाफ याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि सिर्फ इस आधार पर इजाजत खारिज नहीं की जा सकती कि इलाके में दूसरे समुदाय के लोग रह रहे हैं। पीठ ने तमिलनाडु के अधिकारियों से कहा कि वे कानून के अनुसार कार्य करें, न कि राज्य भर के सभी मंदिरों में विशेष प्रार्थनाओं और अभिषेक के सीधे प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने वाले किसी मौखिक आदेश पर।

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तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। हालांकि, तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है और आज अयोध्या में भगवान राम की प्रतिष्ठा के अवसर पर पूजा, अर्चना, भजन के लाइव प्रसारण पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यह याचिका केवल राजनीति से प्रेरित है। 

याचिका क्या है?

पीठ ने याचिका पर तमिलनाडु सरकार से 29 जनवरी तक जवाब भी मांगा है। विनोज नाम के शख्स ने यह याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार ने प्राण प्रतिष्ठा के लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी है। आरोप है कि सरकार ने इस मौके पर सभी तरह की प्रार्थनाओं और अन्नदानम, भजन पर भी रोक लगा दी है। 

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