Patna High Court: विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, जन सुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के साथ ही कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी ने बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर जिस आंदोलन में भागीदारी की थी, शुक्रवार को पटना हाई कोर्ट ने उसपर अहम फैसला सुना दिया।
‘बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा के खिलाफ दायर याचिका पटना हाइकोर्ट ने खारिज कर दी है। अब पूर्व में जारी किया गया रिजल्ट लागू रहेगा। इससे पहले कुछ शर्तों के साथ बिहार लोक सेवा आयोग ने गुरुवार को 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम जारी किया था। उसमें शर्तें थीं कि एकीकृत 70वीं संयुक्त (प्रा.) प्रतियोगिता परीक्षा से सम्बन्धित माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर याचिका CWIC- 369/2025 में पारित आदेश के फलाफल से परीक्षा परिणाम प्रभावित होगा। साथ ही जिन अभ्यर्थियों को आयोग द्वारा प्रतिवारित (Debared) किया गया है और भविष्य में प्रतिवारित (Debar) किया जाना है उनकी भी अभ्यर्थिता प्रभावित होगी। लेकिन कोर्ट से अब आए फैसले ने सभी शर्तों को खत्म कर दिया है और रिजल्ट पहले वाला ही लागू रहेगा।
इस शर्त के पीछे वह आंदोलन और एक याचिका थी
दरअसल, बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा हंगामे के कारण विवादों में आ गई थी। पटना के एक परीक्षा केंद्र की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद हंगामे ने पैर पसारना शुरू किया। आयोग ने उस परीक्षा केंद्र पर पुनर्परीक्षा ले ली, लेकिन वह हंगामा शांत नहीं हुआ। बीपीएससी अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र में देर से प्रश्नपत्र देने, परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्रों के कम-ज्यादा होने, एक-दूसरे रूप में खुले में ले जाए जाने, परीक्षा के दौरान उत्तरपुस्तिका छीन-झपट जैसे मुद्दों को जोड़ते हुए पेपर लीक तक का आरोप लगाया था।
अंतरिम राहत नहीं दी, लेकिन कोर्ट ने शर्तें बता दीं
शेखपुरा के पप्पू कुमार, पूर्वी चंपारण के संदीप कुमार सिंह, गया के रवीश कुमार राज, रोहतास के हिमांशु राज, मुजफ्फरपुर के सुभाष कुमार ठाकुर, दीपक कुमार व दीपशिखा, खगड़िया की खुशी कुमारी, नालंदा के गौतम कुमार व सत्यम राज, औरंगाबाद के राजन कुमार तिवारी, सुपौल के चंदन कुमार, पटना के विवेक कुमार और अररिया के आकाश आनंद ने सामूहिक रूप से यह याचिका (CWIC- 369/2025) दायर की थी। यह 14 नाम हाई कोर्ट में सामने से हैं, जबकि प्रशांत किशोर और उनका राजनीतिक दल- जन सुराज इसके साथ अंदर से खड़ा है।⏹