दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के गठन से पहले ही यमुना नदी की सफाई का कार्य आरंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान यमुना की सफाई का वादा किया था, और अब उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के निर्देशन में यह अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
इस सफाई अभियान में ट्रैश स्कीमर, वीड हार्वेस्टर और ड्रेज यूटिलिटी क्राफ्ट जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो नदी से कचरा, गाद और खरपतवार हटाने में सहायक हैं।
यमुना की सफाई के लिए कुछ रणनीति अपनाई गई है:
- नदी से कचरा और गाद हटाना: यमुना में जमा कचरा और गाद को विशेष मशीनों की सहायता से निकाला जा रहा है।
- मुख्य नालों की सफाई: नजफगढ़ नाला, सप्लीमेंट्री नाला और अन्य प्रमुख नालों की सफाई की जा रही है ताकि यमुना में प्रदूषण कम हो सके।
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) की निगरानी: मौजूदा STP की क्षमता और कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि वे प्रभावी ढंग से कार्य करें।
इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तीन वर्षों में यमुना को स्वच्छ बनाना है। इसमें दिल्ली जल बोर्ड (DJB), सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC), दिल्ली नगर निगम (MCD), पर्यावरण विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) जैसे विभिन्न एजेंसियों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
उपराज्यपाल कार्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) औद्योगिक इकाइयों द्वारा नालों में गंदा पानी छोड़ने पर कड़ी निगरानी रखे, ताकि यमुना में प्रदूषण को रोका जा सके।
इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यमुना नदी की स्वच्छता में महत्वपूर्ण सुधार होगा, जिससे दिल्लीवासियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण मिलेगा।