परिचय
विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। इस दिवस को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN) द्वारा 1972 में स्थापित किया गया था और 1974 में पहली बार मनाया गया।
पर्यावरण दिवस का महत्व
आज दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, वनों की कटाई और जैव विविधता के विनाश जैसी गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं का सामना कर रही है। विश्व पर्यावरण दिवस लोगों को यह याद दिलाने का अवसर है कि हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना चाहिए और पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
हर साल एक थीम
संयुक्त राष्ट्र हर साल विश्व पर्यावरण दिवस के लिए एक विशेष थीम निर्धारित करता है। यह थीम पर्यावरण से जुड़े किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करती है। उदाहरण के लिए:
- 2023 की थीम: “प्लास्टिक प्रदूषण का समाधान” (Solutions to Plastic Pollution)
- 2022 की थीम: “ओनली वन अर्थ” (Only One Earth)
कैसे मना सकते हैं पर्यावरण दिवस?
- पेड़ लगाएं: अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें।
- प्लास्टिक का उपयोग कम करें: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बचें और पुनः उपयोग करने वाली चीजों को अपनाएं।
- ऊर्जा बचाएं: बिजली और पानी की बचत करें।
- स्वच्छता अपनाएं: अपने आसपास कचरा न फैलाएं और कचरे का सही निपटान करें।
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें: वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
विश्व पर्यावरण दिवस हमें हमारी धरती के प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाता है। यदि हम अभी से पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम नहीं उठाते, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, हम सबको मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए और इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।
“पर्यावरण बचेगा, तभी जीवन बचेगा!”