वी. शांता – V. Shanta

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डॉ. वी. शांता एक सरल, विनम्र और करुणामयी व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने अपना जीवन कैंसर रोगियों की सेवा में समर्पित कर दिया। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे न केवल एक उत्कृष्ट भारतीय ऑन्कोलॉजिस्ट थीं, बल्कि उनके अंदर मानवीय संवेदनाएँ भी प्रबल थीं।

वी. शांता का जीवन परिचय V. Shanta biography

जन्म11 मार्च 1927
मद्रास , मद्रास प्रेसीडेंसी
मृत19 जनवरी 2021
चेन्नई , तमिलनाडु
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षाएमबीबीएस , एमडी
अल्मा मेटरमद्रास मेडिकल कॉलेज
पेशाअड्यार कैंसर संस्थान की अध्यक्ष
पुरस्काररेमन मैग्सेसे पुरस्कार, पद्म विभूषण, पद्म भूषण,
पद्म श्री
The President Shri Pranab Mukherjee presenting the Padma Vibhushan Award to Dr. V. Shanta at a Civil Investiture Ceremony at Rashtrapati Bhavan in New Delhi on April 12 2016 वी. शांता - V. Shanta
  1. करुणा और सेवा भावना – डॉ. शांता का हृदय करुणा से भरा हुआ था। उन्होंने मरीजों की पीड़ा को समझा और कैंसर के इलाज को गरीबों के लिए सुलभ बनाने का प्रयास किया।
  2. सादगी और विनम्रता – इतनी उपलब्धियों के बावजूद, वे हमेशा सहज और सादगीपूर्ण जीवन जीती रहीं। उनकी नम्रता और सेवा-भावना उन्हें और भी महान बनाती थी।
  3. दृढ़ संकल्प और समर्पण – उन्होंने अदयार कैंसर संस्थान को विश्वस्तरीय स्तर पर पहुँचाया। उनका जीवन एक मिशन की तरह था, जिसमें उन्होंने कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इलाज को किफायती बनाने पर जोर दिया।
  4. नेतृत्व क्षमता – वे एक प्रभावशाली नेता थीं, जिन्होंने न केवल चिकित्सा क्षेत्र में योगदान दिया, बल्कि कैंसर अनुसंधान और नीतिगत सुधारों के लिए भी कार्य किया।
  5. अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा – डॉ. शांता का जीवन अनुशासनबद्ध था। वे अपने कार्यों के प्रति पूरी तरह निष्ठावान थीं और हमेशा मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देती थीं।

डॉ. वी. शांता का व्यक्तित्व हमें निःस्वार्थ सेवा, करुणा और दृढ़ संकल्प का सजीव उदाहरण प्रदान करता है। उनका जीवन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने ज्ञान और संसाधनों का उपयोग समाज की भलाई के लिए करें।

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